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लाइट कैमरा एक्शन..🍁

दर्शनशास्त्र का एक बड़ा ही खूबसूरत वाक्य है कि दुनिया एक रंगमंच है और सभी मनुष्य इस रंगमंच के कलाकार हैं । हर व्यक्ति को चाहिए कि वो अपने किरदार का निर्वहन उचित तरीके से करे ।

इस मंच का सबसे रोचक पहलू यह है कि यहां कोई निर्देशक नही होता है जो कलाकारों की भूमिका को बताने का कार्य करता हो , यहां हर कलाकार स्वतंत्र होता है, अपने मनमुताबिक अपना किरदार चुनने को ।

किरदारों को गढ़ने के लिए आपके लिए कैमरा और स्पॉटलाइट बहुत ज्यादा जरूरी है । आपको चाहिए कि आप हमेशा कैमरा और स्पॉटलाइट के ही घेरे में रहे क्योंकि यही रंगमंच पर आपकी दमदार उपस्थिति को तय करता है ।
ये कैमरा और स्पॉटलाइट फिल्मों के कैमरा या स्पॉटलाइट से इतर आपके कर्तव्यों और कर्मों के मध्य झूला झूलते हुए प्रतीत होते हैं ।
आपके कर्तव्य और कर्म ही हैं जो आपको रंगमंच का हीरो और विलेन बताने में सहायक होते हैं ।
तो प्रयास करते रहिए रंगमंच पर बने रहने के लिए, स्पॉटलाइट में बने रहने के लिए और रंगमंच के प्रमुख कलाकार के रूप में राम,लक्ष्मण,भरत और सीता बनने की खातिर ।
अगर आप ऐसा नही कर पाते हैं तो आप एक सहायक अभिनेता के रूप में देखे जाते रहेंगे जो योग्य तो हैं लेकिन उनकी योग्यता स्पॉटलाइट न मिलने के कारण धूमिल होती जा रही है ।


- अंकेश वर्मा

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